उत्तराखंड में जल जीवन मिशन का जिम्मा उठायेंगे ग्राम पंचायत: जाने कौन ले सकता हैं योजना का लाभ

Spread the love

जल का स्तर नीचे हो जाने के कारण देश के तमाम राज्यों में पानी स्वक्ष नही होता हैं। जिसके कारण देश के तमाम राज्यों में जल जीवन मिशन पर काम हो रहा है। जिसके तहत आम जन मानस को स्वक्ष पानी मुहैया करने पर काम चल रहा है ।

जिसको ध्यान में रखतें हुए उत्तराखंड सरकार ने फैसला लिया है कि उत्तराखंड के गांवों में आने वाले दिनों में पेयजल योजनाओं का जिम्मा ग्राम पंचायतें संभालेंगी। जल जीवन मिशन में तय प्रविधान के अनुसार एकल पेयजल योजनाओं की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी जाएगी।

ग्राम पंचायत और वहां गठित जल समिति ही योजनाओं के रखरखाव के मद्देनजर यूजर चार्जेज की दरें अपने-अपने क्षेत्र के हिसाब से निर्धारित करेंगे । इसके अलावा ग्राम समूह पेयजल योजनाओं के रखरखाव का दायित्व पूर्व की भांति उत्तराखंड जल संस्थान ही संभालेंगी।

पेयजल योजनाओं: प्रत्येक घर को नल से जल उपलब्ध कराने की चल रही मुहिम

केंद्र सरकार की योजना जल जीवन मिशन के अंतर्गत उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर को नल से जल उपलब्ध कराने की मुहिम चल रही है। वर्ष 2019 में जब यह मिशन शुरू हुआ, तब उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के 15 लाख से अधिक परिवारों में से केवल नौ प्रतिशत लोग के पास ही पेयजल कनेक्शन थे मगर मिशन के शुरू होने के बाद से अब तक यह आंकड़ा लगभग 62 प्रतिशत पार कर चुका हैं।

उत्तराखंड सरकार का यह प्रयास है कि दिसंबर 2023 तक राज्य के सभी गांवों में घर – घर तक को नल से पानी उपलब्ध करा दिया जाए। इस कड़ी में लगभग 81 बड़ी पेयजल योजनाओं के टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई है।

वहां की ग्राम पंचायत और मिशन के अंतर्गत गठित जल समिति योजना के रखरखाव के मद्देनजर प्रत्येक लाभान्वित परिवार से यूजर चार्जेज लेंगी। इसका निर्धारण भी वे स्वयं करेंगी। यूजर चार्जेज के रूप में मिलने वाली राशि का उपयोग संबंधित योजना के रखरखाव में होगा। इससे सरकार पर भी कोई बोझ नहीं पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि जिन पेयजल योजनाओं से एक से अधिक गांव जुड़े हैं, उनका रखरखाव जल संस्थान करेगा

क्यों हुई जल जीवन की शुरुआत ?

जल जीवन मिशन स्कीम ( JAL JEEWAN MISSON ) की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में 15 अगस्त 2019 को की गयी।

देश के लगभग 50% ऐसे ग्रामीण क्षेत्र जहां लोगो को पानी की समस्या होती है उन क्षेत्रों में पीने के पानी को पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्कीम का शुभारम्भ किया।

Department of Drinking Water and Sanitation के आंकड़ों के तहत अभी तक 18.33% ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों को पानी की सुविधा उपलब्ध करवाई गयी है।

जल जीवन मिशन का कौन ले सकता हैं लाभ और क्या है मापदंड

1. जल जीवन मिशन स्कीम का लाभ लेने के लिए उम्मीदवार जिस राज्य में निवास करता है वह वहां का मूल निवासी होना चाहिए।

2. जल जीवन मिशन का लाभ लेने के लिए उम्मीदवारो को ग्रामीण इलाके से होना चाहिए।

3. स्कीम के तहत उपलब्ध करवाया जाने वाला पानी पीने योग्य होना चाहिए।

4. जल जीवनव मिशन योजना का लाभ लेने के लिए उम्मीदवारों के पास कुछ दस्तावेज जैसे- आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र, बैंक अकाउंट आदि होने चाहिए।

5. जल जीवन मिशन स्कीम का लाभ गरीबी रेखा से नीचे आने वाले लोगो को प्रदान किया जाएगा।

इसी तरह की और जानकारी के लिए हमारे Facebook पेज को लाइक करें और Instagram, Twitter पे हमें फ़ॉलो करें। आप इस विषय में कोई भी जानकारी कॉमेंट्स के द्वारा हम तक पहुँचा सकते हैं। आप के सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं|