UPI देगा China के UnionPay को टक्कर?
Digital India मुहिम के तहत केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ा कदम उठाया गया है। दरअसल, सरकार अलग-अलग माध्यमों से डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए 1300 करोड़ रुपए खर्च करेगी।
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ये फैसला लिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक में डिजिटल पेमेंट को बढ़ाने देने के लिए बड़ा ऐलान हुआ है।
कैबिनेट ने रुपे डेबिट कार्ड और कम वैल्यू के भीम यूपीआई ट्रांजैंक्शन को बढ़ावा देने के लिए इन्सेंटिव स्कीम को मंजूरी दी है।
सरकार ने डिजिटल ट्रांजैक्शन इन्सेंटिव के लिए 1,300 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ये फैसला लिया गया है।
क्या है UPI
Unified Payment Interface (UPI) एक इंस्टैंट रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम है, जो यूजर्स को रियल-टाइम पर पैसे ट्रांसफर करने की सहूलियत देता है।
यूजर्स किसी भी बैंक से किसी दूसरे बैंक में पैसे भेज सकते हैं। इसमें किसी को अपने बैंक खाते की डिटेल नहीं बतानी पड़ती है।
2020 में यूपीआई के जरिए 457 अरब डॉलर का करोबार हुआ। यह देश के लगभग 15% जीडीपी के बराबर है।
लॉकडाउन में BHIM पर हुए 41 लाख करोड़ रुपए के ट्रांजैक्शन
भारत इंटरफेस फॉर मनी (BHIM) ऐप भारत का एक डिजिटल पेमेंट ऐप्लीकेशन है जो UPI के जरिए काम करता है।
सीतारमण ने बताया कि, लॉकडाउन के दौरान BHIM-UPI पेमेंट का बड़ा प्लेटफॉर्म बना। 2020-21 में इस पर 41 लाख करोड़ रुपए के 22 अरब ट्रांजैक्शन किए गए।
2021 में भूटान में शुरू हुआ था UPI
BHIM-UPI के लॉन्च होने के बाद भूटान पहला देश बन गया है जहां यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के स्टैंडर्ड पर QR तैयार किया जाएगा।
इसके अलावा भूटान अकेला देश होगा जहां BHIM UPI के साथ भारत का रूपे (RuPay) कार्ड भी इस्तेमाल किया जाता है।
नेपाल में भी शुरू होगा UPI से लेनदेन
अब नेपाल में भी भारत (India) के UPIसे बिना रुकावट डिजिटल लेनदेन (Digital Transaction) किया जा सकेगा. भारत द्वारा विकसित एकीकृत भुगतान इंटरफेस का इस्तेमाल नेपाल ने शुरू कर दिया है.
एक सरकारी पत्रिका के लेख के जरिये यह जानकारी मिली है. पत्र सूचना कार्यालय (PIB) द्वारा बृहस्पतिवार को ट्वीट किए गए लेख के मुताबिक, ‘‘इस साल की शुरुआत में भूटान (Bhuan) ने डिजिटल लेनदेन के लिए भीम-यूपीआई (BHIM-UPI) आधारित डिजिटल लेन-देन को अपनाया था.”
वैश्विक पहचान बनाने में मिलेगी मदद
NIPL के सीईओ रितेश शुक्ला ने कहा कि हमें विश्वास है कि यह पहल एनआईपीएल की तकनीकी क्षमताओं और वैश्विक स्तर पर अपनी बेमिसाल पेशकश को बढ़ाने में मददगार होगी.
यूपीआई ने 2021 में 940 अरब डॉलर के 3,900 करोड़ वित्तीय लेनदेन को सक्षम किया, जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 31 फीसदी के बराबर है.
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर UPI की हो रही माँग
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक भारत ने RuPay कार्ड बनाया है। इसे और अधिक डेवलप करने के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) में पर्सन टू मर्चेंट पेमेंट को भारत सरकार RuPay डेबिट कार्ड और UPI पेमेंट के लिए रिइम्बर्स करेगी।
1 साल में 1300 करोड़ रुपए इन्वेस्ट होंगे, जिससे ज्यादा लोग डिजिटल पेमेंट की ओर बढ़ें। उन्होंने बताया कि नवंबर में 7.56 लाख करोड़ रुपए के 423 करोड़ डिजिटल लेनदेन हुए।
नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के बाद से डिजिटल ट्रांजेक्शंस में तगड़ा उछाल दर्ज किया गया है।
भारत में अंदरूनी इस्तेमाल के लिए इजात किए गए UPI की माँग अब दुनिया भर में बढ़ने लगी है।
Russia-Ukraine में चल रहे युद्ध के दौरान जहां America द्वारा बनाए गए Payment getaway अब Russia में ban हो चुके हैं वहीं एक नए Payment system की ज़रूरत भी साने आयी है।
China के UnionPay के साथ साथ Russia और कई अन्य देश UPI के बारे में भी विचाराधीन हैं।
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