विश्व भर के 19 देश मंकीपॉक्स से हो चुके हैं प्रभावित, जाने भारत की क्या है तैयारिया? 

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार विश्व भर में इस समय 19 देश मंकीपॉक्स से प्रभावित हो चुके हैं जबकि 131 से अधिक लोग मंकीपॉक्स से प्रभावित हो चुके हैं। मंकीपॉक्स के असर के कारण शरीर पर देखने मे बड़े-बड़े फोड़े और फफोले हो जा रहे हैं । मंकीपॉक्स (Monkeypox) के और भी कई सारे लक्षण (Sympotoms) हैं। जिनसे शायद आप अंजान होंगे। किसी भी वायरस की तरह मंकीपॉक्स वायरस से बचने के लिए भी कुछ जरूरी सावधानी (Precautions) बरतना बेहद जरूरी है जिसके लिए इसकी सही जानकारी होनी आवश्यक हैं। 

आरटी-पीसीआर किट बनाएगी ट्रिविट्रान

आपको बता दे कि दुनियाभर में मंकीपाक्स (Monkeypox) का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय प्राइवेट स्वास्थ्य उपकरण कंपनी ट्रिविट्रान हेल्थकेयर ने शुक्रवार को मंकीपाक्स (orthopoxvirus) वायरस का पता लगाने के लिए एक रीयल-टाइम आरटी-पीसीआर (Real Time RT-PCR) किट बनाने की घोषणा की है। कंपनी के तरफ जानकारी देते हुए कहा गया हैं कि ट्रिविट्रान हेल्थकेयर की रिसर्च एंड डेवलपमेंट टीम ने मंकीपाक्स वायरस का पता लगाने के लिए एक आरटी-पीसीआर आधारित किट विकसित की है। 

चेचक(chickenpox) और मंकीपाक्स(Monkeypox) के बीच अंतर कर सकता है किट

ट्रिविट्रान (Trivitron) की मंकीपाक्स रीयल-टाइम पीसीआर(Real Time RT-PCR) किट चार रंग का हाइब्रिड किट है, जो एक ट्यूब में चेचक और मंकीपाक्स के बीच अंतर कर देगा।  इस चार जीन आरटीपीसीआर किट में पहला जीन व्यापक आर्थोपाक्स (orthopoxvirus) समूह में वायरस का पता लगाता है, दूसरा और तीसरा क्रमश मंकीपाक्स और चेचक वायरस का पता लगाकर अलग करता है। चौथा जीन मानव कोशिका (Human cells) के अनुरूप आंतरिक संचारण का पता लगाता है। कंपनी के मुताबिक इसमें 1 घंटे का समय लगता है। आपको बता दें कि यह किट केवल शोध उपयोग के रूप में अभी उपलब्ध है।

मंकीपाक्स(monkeypox) को लेकर भारत की पूरी है तैयारी

 दुनिया भर में मंकीपाक्स के मामलों की पहचान होने के साथ भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ( Indian Council of Medical Research ) के अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि भारत गैर-स्थानिक देशों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए तैयार है। हालांकि, देश में अभी इसका कोई मामला सामने नहीं आया हैं । मंकीपाक्स संक्रमण कोरोना महामारी से जूझ रहे कई देशों में बहुत तेजी से फैल रहा है। ANI के साथ बातचीत में आइसीएमआर( IMCR)की विज्ञानी डा. अपर्णा मुखर्जी ने कहा कि भारत मंकीपाक्स संक्रमण को लेकर पूरी तरह से तैयार है, क्योंकि यह यूरोप और अमेरिका जैसे देशों में तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने अस्वाभाविक लक्षणों पर नजर रखने पर जोर दिया हैं , खासकर उन लोगों में जिन्होंने हाल ही में मंकीपाक्स प्रभावित देशों की यात्रा की हो। इन लक्षणों में तेज बुखार, ग्रंथियों में सूजन, शरीर में दर्द, शरीर पर लाल धारियां इत्यादि शामिल हैं।