बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा हम 1 ट्रिलियन की इकोनॉमी बनाने में होंगे कामयाब
उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने गुरुवार को वर्ष 2022-23 के लिए वितिय बजट पेश किया। उत्तर प्रदेश के इतिहास का यह अब तक का सबसे बड़ा बजट हैं।
बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं विधान सभा में भाषण के दौरान कहा कि हमारी सरकार ने वर्ष 2022-23 का बजट आज प्रस्तुत किया है।
यह बजट प्रदेश की 25 करोड़ जनता की आकांक्षाओं की भावनाओं के अनुरूप प्रदेश के समग्र विकास, गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाएं, श्रमिक और समाज के प्रत्येक तबके को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
उज्ज्वल भविष्य की रूप-रेखा तैयार करेगा बजट- मुख्यमंत्री
आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में लोक कल्याण संकल्प पत्र की भावनाओं के अनुरूप देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य, उत्तर प्रदेश जन-आकांक्षाओं की पूर्ति कर सके और समग्र विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक हो सके, इस दृष्टि से उत्तर प्रदेश सरकार का यह बजट 05 वर्षों का एक विजन भी है जो प्रदेश के सर्वसमावेशी, समग्र विकास के साथ-साथ एक उज्ज्वल भविष्य की रूप-रेखा भी तैयार करेगा।
अन्नदाता किसानों के लिए ‘भामाशाह भाव स्थिरता कोष’ की स्थापना
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व एक लोक कल्याण पत्र जारी किया था। इस संकल्प पत्र में कुल 130 घोषणाएं थीं, जिसमें 97 संकल्पों को हम लोगों ने अपने इस पहले ही बजट में स्थान दिया है।
इसके लिए ₹54,883 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रमुख घोषणाओं में मुख्य रूप से उज्ज्वला योजना के अंतर्गत लाभार्थी परिवार को वर्ष में 02 रसोई गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
अन्नदाता किसानों के लिए ‘भामाशाह भाव स्थिरता कोष’ की स्थापना के लिए धनराशि फंड की स्थापना की गई है। प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप फर्टिलाइजर, केमिकल और पेस्टीसाइड में कमी लाते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे सकें।
इस दृष्टि से यूपी ने पहले से ही कार्ययोजना बनाई थी। प्रदेश के हजारों किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े हैं। टेस्टिंग लैब की स्थापना हर कमिश्नरी स्तर पर की जा रही है।
अगले 05 वर्ष में संपूर्ण बुंदेलखंड को प्राकृतिक खेती योजना के साथ जोड़ने के कार्य को भी इस योजना में लिया है। इससे पहले गंगा के किनारे के 05 किलोमीटर दायरे के क्षेत्र में केन्द्र सरकार के साथ मिलकर इस कार्ययोजना को आगे बढ़ा रहे हैं।
बजट में लाभकारी योजनाओं का ख्याल
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत निःशुल्क सोलर पैनल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।
15,000 से अधिक सोलर पैनल उपलब्ध कराने की योजना को इस वित्तीय वर्ष में इस बजट का हिस्सा बनाया है। निषादराज बोट सब्सिडी योजना के अंतर्गत नाविकों के लिए नाव खरीद हेतु 40% तक सब्सिडी उपलब्ध कराने की योजना भी बजट में शामिल की गई है।
प्रदेश में रोजगार व स्वरोजगार के सृजन के लिए हर परिवार का एक व्यक्ति सरकारी नौकरी अथवा रोजगार या स्वतः रोजगार के साथ जुड़े, इसके सर्वेक्षण के कार्यक्रम को भी हम लोगों ने इस बजट में स्थान दिया है।
रोजगार, स्वरोजगार की कार्ययोजना का बजट में दिया गया स्थान
मुख्यमंत्री ने बताया की उत्तर प्रदेश सरकार गरीब कल्याण कार्ड की योजना लायी गई है। रोजगार, स्वरोजगार की कार्ययोजना के लिए बजट में स्थान दिया गया है।
प्रदेश के कई जनपद जहां मेडिकल कॉलेज के निर्माण की कोई कल्पना नहीं करता था, उन जनपदों में मेडिकल कॉलेज के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। MBBS, PG की सीटें बढ़ी हैं। इसके लिए बजट का प्रावधान किया गया है।
बजट के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा कही गयी खास बातें
•अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की स्थापना के लिए भी आवश्यक धनराशि की व्यवस्था इस बजट में की गई है।
•बुजुर्ग पुजारियों, संतों व उपेक्षित तबकों के लिए एक पुरोहित कल्याण बोर्ड के गठन के कार्यक्रम को भी इस बजट में शामिल किया गया है।
• युवाओं के लिए स्वामी विवेकानंद सशक्तीकरण योजना प्रारम्भ की गई है। इसके तहत हम अपने युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन दे रहे हैं। इसके लिए धनराशि की व्यवस्था इस बजट में की गई है।
• प्रदेश में सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत गरीब कन्याओं की शादी के लिए ₹51,000 दिए जाते हैं। इस योजना के लिए ₹600 करोड़ का प्रावधान इस बजट में किया गया है।।
• प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के लिए बजट जारी किया गया।
•चीनी उद्योग के लिए प्रदेश ने अग्रणी काम किया। कोरोनाकाल में भी हमारी चीनी मिलें बंद नही हुई। हमने 3 नई चीनी मिल की स्थापना की। इसमें, रमाला, मुंडेरवा चीनी मिलें इसमे शामिल है।
•बजट में चीनी मिलों की क्षमता विस्तार की कार्ययोजना है। छाता, बुढ़वल, आदि मिलों को शामिल किया जा रहा है।
•विधानसभा में बजट 2022-23 के प्रस्तुत होने के उपरांत मुख्यमंत्री जी की प्रतिक्रिया के प्रमुख अंश*
•2019 के प्रयागराज कुंभ ने देश-दुनिया में एक छाप छोड़ी है। 2025 के लिए हम अभी से तैयारी कर रहे है,बजट में भी इसकी अलग से व्यवस्था की गई।
•लोककला, लोकभाषा की विविधतापूर्ण संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से अवधी, बुन्देली, ब्रजभाषा, भोजपुरी जैसी भाषाओं के उत्थान के लिए एकेडमी की स्थापना की जा रही है।
•वाराणसी में फुट स्ट्रीट,रोपवे व मेट्रो के निर्माण का प्रावधान और बजट रखा गया।
•पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह जी की स्मृति में योजना एक नई योजना शुरू की गई।
• महाविद्यालय में स्मार्ट क्लासेज की व्यवस्था के लिए बजट में प्रावधान है। ग्रामीण क्षेत्रो में मिनी स्टेडियम के लिए बजट में स्थान है।
• हमारे पहले कार्यकाल में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना अच्छा कार्य हुये। आगे के लिए भी बजट में प्रावधान है। विकलांग कल्याण के लिए पेंशन का विशेष स्थान दिया गया।
• प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के साथ शहरी क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए बजट में स्थान दिया है।
• लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार देने के लिए भी बजट में स्थान है,युवाओं को स्वयं का स्टार्टअप शुरू करने के लिए बजट में प्रावधान है।
• इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक्सप्रेस वे पर औद्योगिक गलियारों के विकास के लिए बजट का प्रावधान रखा गया।
• बुंदेलखंड में जनरल विपिन रावत डिफेंस कॉरिडोर के लिए व्यवस्था की गई है।
• जल जीवन मिशन हर घर नल योजना ग्रामीण के साथ शहरी क्षेत्र में लागू हो, इसकी कार्ययोजना है। पहले चरण में बुंदेलखंड व विंध्य क्षेत्र में योजना जारी है।
•महिला पुलिस बटालियन के गठन व विकास के लिए बजट का प्रावधान है। प्रदेश के 8 मंडलों में एंटी करप्शन यूनिट की स्थापना की व्यवस्था है।
• यह बजट प्रदेश के अगले 5 वर्ष के लिए सर्वसमावेशी विकास और समग्र विकास के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट का कार्य करेगा। 25 करोड़ जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला होगा।
• 2015-16 में 03 लाख 02 हजार 687 करोड़ का बजट प्रस्तुत हुआ था। आज 2022-23 में ल बजट 6 लाख 15 हजार 518 करोड़ 97 लाख का है। बजट का दायरा दोगुना है। जबकि पिछले दो वर्ष कोविड प्रबंधन में बीते हैं।
• सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि हमने राजस्व बढ़ाया। 2017 से पहले सेल्स टैक्स और वैट से मात्र 51 हजार 800 करोड़ की धनराशि प्राप्त होती थी। दो वर्ष कोविड के बाद भी एक्साइज में हमको 36 हजार 231 करोड़ से ज्यादा राजस्व प्राप्त हुआ। माइनिंग में 1548 करोड़ से बढ़कर अब 2664 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
• प्रदेश ने अपना रेवेन्यू बढ़ाया, जिसके फलस्वरूप प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है। प्रदेश के विकास का आधार बना। अर्थव्यवस्था दोगुनी हुआ। बजट का आकार बढ़ा।
• रिजर्व बैंक द्वारा राज्यों के लिए ऋण लेने की तय लिमिट से हम काफी दूर हैं। पहले इसे 04 फीसदी तक बढ़ाया गया फिर 4.5% तक बढ़ाया गया। उत्तर प्रदेश ने कुशल वित्तीय प्रबंधन के कारण बजट का दायरा बढ़ा लेकिन अब भी हम इस सीमा के सापेक्ष 3.96% ही रहेगा। हम 4% से कम पर ही हैं।
• मैं अपनी पूरे टीम को धन्यवाद देता हूँ। हम 01 ट्रिलियन इकोनॉमी को पूरा करने में सफल होंगे। मैं पूरे विश्वास से कह सकता हूँ राजकोषीय घाटा और कम होगा। लोककल्याण संकल्प पत्र के 130 संकल्पों में से 97 को इस बजट में शामिल किया है। शेष को समय समय पर समाहित करेंगे। दिसंबर में हम अपना सप्लीमेंट्री बजट लाएंगे।
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